तक़लीफ़ MERE KUCH LAFZ August 20, 2021 Dard 0 Comments जिंदगी का एक आम सा सिलसिला है ,तक़लीफ़ सेहता है कोई ,तक़लीफ़ देता है कोई ,तक़लीफ़ से निकलता है कोई,तकलीफ़ से बिख़र के सवरता है कोई ! Tags Dard Jindgi
0 Comments
Post a Comment